शांति का आधार अस्त्र-बल
     The Force Behind Peace

भारत डायनामिक्स लिमिटेड


                                   सीआईएन:L24292TG1970GOI001353
                                   भारत सरकार का उद्यम,रक्षा मंत्रालय,
                                   एक मिनिरत्न श्रेणी-1 कंपनी

निदेशकों का परिचय

 

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

श्री वी उदय भास्कर
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक 
(
दि. 30 जनवरी, 2015 से)

 

 

 

 

श्री वी उदय भास्‍कर
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

             श्री वी उदय भासकर ने दि. 30 जनवरी, 2015 को भारत डायनामिक्‍स लिमिटेड के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का पदभार ग्रहण किया. इस नियुक्‍ति से पहले ये बी डी एल के निदेशक मंडल में निदेशक (उत्‍पादन) रहे. पॉलीमर साइंस एवं टेकनॉलॉजी में आई आई टी, दिल्‍ली से एम.टेक की उपाधि प्राप्‍त श्री उदय भास्‍कर ने हारकोर्ट बट्लर टेक्‍नोलॉजी इंस्‍टीट्यूट, कानपुर से प्‍लास्‍टिक टेकनॉलॉजी एवं केमीकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. की उपाधि प्राप्‍त की.

            इन्‍हें इनवार, कांकूर्स, कांकूर्स-एम का देशीकरण, मिसाइल का संयोजन, समाकलन  तथा  परीक्षण, सामग्री प्रबंधन, विक्रेता विकास तथा योजना जैसे मिसाइल उत्‍पादन से संबंधित विभिन्‍न क्षेत्रों में लगभग 23 से भी अधिक वर्ष का गहन अनुभव प्राप्‍त है. इन्‍होंने कांकूर्स-एम मिसाइल का उत्‍पादन क्रम बनाने में भूमिका निभायी तथा कांकूर्स, कांकूर्स-एम, लांचर का 90 प्रतिशत से भी अधिक देशीकरण करने में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया.

           श्री भास्‍कर की अगुवाई में बी डी एल की भानूर इकाई में आई एस ओ 9001 : 2000 वर्शन के कार्यान्‍वयन की आई एस ओ कोर टीम का काम आगे बढ़ा. इसी क्रम में, वे बी डी एल की भानूर इकाई में आई एस ओ 9001 : 2008 गुणता प्रबंधन प्रणाली के अनुवीक्षण (मॉनिटरिंग) के लिए प्रबंधन प्रतिनिधि भी रहे.       

          श्री उदय भास्कर, इनवार मिसाइल के विस्‍फोटक चार्जर के देशीकरण के लिए टी-72 फिक्‍स्‍ड फायरिंग स्‍टैंड के सहारे बैलेस्‍टिक इवेल्‍यूएशन पद्धति स्‍थापित करने दिये गए उत्‍कृष्‍ट योगदान के लिए वर्ष 2010-11 के लिए सामूहिक / वैयक्‍तिक श्रेणी के अंतर्गत गौरवपूर्ण ‘रक्षा मंत्री नवोन्‍मेष पुरस्‍कार’ से सम्‍मानित हैं.

           श्री उदय भास्‍कर ने वर्ष 1990 के दौरान बी डी एल में कार्यभार ग्रहण किया और इससे पूर्व उन्‍होंने एक निजी संस्‍था में लगभग 6 वर्ष तक अपनी सेवाएं दीं.  

           अकादमिक तथा मिसाइल टेकनोलॉजी के क्षेत्र में इनकी गहरी रुचि है. इन्‍होंने कई फोरम में तकनीकी शोधपरक आलेख प्रस्‍तुत किये तथा कई मूल्य आधारित आलेख भी प्रकाशित किये.

सरकारी निदेशक 

श्री अश्वनी कुमार महाजन  
अपर वित्तीय सलाहकार (ए के) एवं संयुक्त सचिव 
(
दि. 09 मार्च, 2016 से) 

श्री अश्वनी कुमार महाजन  
अपर वित्तीय सलाहकार (ए के) एवं संयुक्त सचिव

             श्री अश्विनी कुमार महाजन 1988 बैच के आई आर एस अधिकारी हैं. इन्हें एम बी बी एस, एल एल बी, एल एल एम (अंतर्राष्;ट्रीय कराधान) उपाधि भी हैं. वर्ष 2008 से श्री अश्विनी कुमार महाजन आयकर विभाग के आयुक्त रहे. दि. 08 जनवरी, 2016 से ये रक्षा मंत्रालय (वित्त) में अपर वित्त सलाहकार एवं संयुक्त सचिव के रूप में नियुक्त किये गये. श्री अश्विनी कुमार महाजन दि. 09 मार्च, 2016 से बी डी एल के निदेशक मंडल में सरकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किये गये.     

 

 

डॉ. जी सतीश रेड्डी

डॉ. जी सतीश रेड्डी
रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार एवं महानिदेशक (मिसाइल एवं स्ट्रे टजिक सिस्टकम्सस), डी आर डी ओ
(दि. 01 मई, 2018 से)

डॉ. जी सतीश रेड्डी
रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार एवं महानिदेशक (मिसाइल एवं स्ट्रे टजिक सिस्टकम्सड), डी आर डी ओ    

दि. 1 मई, 2018 से डॉ. जी सतीश रेड्डी को कंपनी के निदेशक मंडल में मंत्रालय की ओर से सरकार द्वारा नामित निदेशक के रूप में नियुक्तं किया गया है। डॉ. सतीश रेड्डी वांतरिक्ष वैज्ञानिक हैं जो मिसाइल प्रणालियों में अनुसंधान एवं विकास तथा भारत में एअरोस्पेकप प्रौद्योगिकियों व उद्योगों के उन्नइयन में निरंतर प्रयासों के लिए जाने जाते हैं।

मिसाइल एवं स्ट्रेनटजिक सिस्ट्म्स के महानिदेशक के रूप में इन्होंयने प्रक्षेपास्त्रों में पूर्ण आत्ममनिर्भरता प्राप्तं करने के लिए कुशल और सामरिक प्रक्षेपास्त्रय प्रणालियों की एक विस्तृेत श्रृंखला के डिज़ाइन और विकास का नेतृत्व् किया। इनके कुशल नेतृत्वी में बेलेस्टि क मिसाइल डिफेंस (बी एम डी), आई सी बी एम अग्निे-5, उन्नतत नेवल मिसाइल, मध्य मदूरी के सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (एम आर सैम), अस्त्र्तथा हेलीना जैसी उन्नइत प्रणालियों ने प्रौद्योगिकीय उपलब्धिृयॉं प्राप्ता कर उल्लेवखनीय सफलता प्राप्त् कीं और अब ये प्रयोग में लाये जाने की दिशा में हैं। स्मामर्ट एअर फील्डल वेपन, गाइडेड मुनिशन तथा प्रिसिशन स्ट्रारइक वेपन को साकार बना कर भारतीय रक्षा क्षमताओं के विकास में डॉ. सतीश रेड्डी की प्रौद्योगिकीय पहलों की महत्वापूर्ण भूमिका है।

डॉ. सतीश रेड्डी ने उन्होंीने जे एन टी यू, अनंतपुर से इलेक्ट्रॉ निक्सर अण्ड/ कम्यूैनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नायतक की उपाधि प्राप्त् की तथा जे एन टी यू, हैदराबाद से एम एस एवं पीएच.डी की उपाधि प्राप्त् की। वे एक प्रसिद्ध नेविगेशन विशेषज्ञ हैं जिन्होंतने भारत के अकेले ऐसे विशेषज्ञ हैं जिन्होंृने रॉयल इंस्टींट्यूट ऑफ नेविगेशन, लंदन, रॉयल एयरोनॉटिकल सोसाइटी, यू के के फेलो के रूप में सदस्यम के रूप में शामिल होने का सम्मादन प्राप्तो किया। ये, रूस की अकादमी ऑफ नेविगेशन अण्ड मोशन कंट्रोल के विदेश सदस्यफ के रूप में शामिल होने का गौरव प्राप्तत करने वाले प्रथम वैज्ञानिक हैं। डॉ. रेड्डी कंप्यूंटर सोसाइटी ऑफ इंडिया सहित भारत तथा विदेश के कई व्यातवसायिक / वैज्ञानिक निकायों के सदस्यू हैं।

रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इनके उत्कृईष्टु योगदान के लिए इन्हेंत इंडियान साइंस कांग्रेस एसोसिएशन होमी जे भाभा मेमोरियल पुरस्कानर, आत्मउनिर्भरता के क्षेत्र में उत्कृइष्टवता के लिए डी आर डी ओ अग्निू अवार्ड, माननीय प्रधानमंत्री की ओर से युवा वैज्ञानिक पुरस्का्र सहित कई पुरस्काञर प्राप्तं हैं। इन्हेंस नेशनल सिस्ट्म्स गोल्ड् मेडल, डॉ. बिरेनरॉय स्पे स साइंस डिज़ाइन अवार्ड, रॉकेट्री रिलेटेड टेक्नोसलॉजी अवार्ड, लाइफ टाइम अचीवेंट अवार्ड सहित कई पुरस्का्र / सम्माान प्राप्त् हैं।   

पूर्णकालिक निदेशक गण

श्री एस पिरमनायगम
निदेशक (वित)
(
दि. 01 जनवरी 15 से)

श्री एस पिरमनायगम
निदेशक (वित)

     

             श्री एस पिरमनायगम विज्ञान में स्‍नातक एवं भारत के सनती लेखाकार संस्‍थान के सहायक सदस्‍य हैं. बी डी एल में निदेशक (वित्‍त) का पदभार सँभालने से पूर्व इन्‍होंने बी ई एम एल के रेल और मेट्रो के संव्‍यवहसार के वित्‍तीय कार्यों के महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत थे. नैवेली लिगमेंट कारपोरेशन लिमिटेड से काम करने के बाद सन् 1996 से 2007 के दौरान इन्‍होंने मध्‍यस्‍थ प्रबंधन कैडर में अपनी सेवाऍं दीं. लेखापरीक्षा, लेखा, वित्‍त, और कराधान के क्षेत्र में इनका विस्‍तृत अनुभव है. श्री पिरमनायगम ने दि. 01 जनवरी, 2015 से भारत डायनामिक्‍स लिमिटेड के निदेशक (वित्‍त) का कार्य-भार ग्रहण किया     

 

श्री वी गुरुदत्त प्रसाद
निदेशक (उत्पादन)
(
दि. 10 सितंबर 15 से)

श्री वी गुरुदत्त प्रसाद
निदेशक (उत्पादन)

     

             श्री वी गुरुदत्त प्रसाद मे दि. 10 सितंबर 2015 को भारत डायनामिक्स लिमिटेड के निदेशक (उत्पादन) के रूप में पदभार ग्रहण किया. निदेशक (उत्पादन) के रूप में नियुक्ति से पूर्व ये बीडीएल भानूर इकाई के प्रधान व महाप्रबंधक रहे.

इन्होंने जे एन टी यू हैदराबाद से औद्योगिक इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन में एम.टेक तथा बेंगलूर विश्वविद्यालय से बी.टेक की उपाधि प्राप्त की.

श्री वी गुरुदत्त प्रसाद को मिसाइल उत्पादन से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में 30 से भी अधिक वर्ष का अनुभव प्राप्तहै. इनमें सिस्टम इंजीनियरिंग घटक उत्पादन एवं संयोजन शामिल है. इन्होंने मिलान – 2 टी ए टी जी एम के एकीकरण एवं परीक्षण के लिए सुविधाएँ स्थापित कीं. मिलान 2टी ए टी जी एम के घटक मशीन व परीक्षण उपकरणों के त्वरित देशीकरण में इनकी मुख्य भूमिका रही है.

वर्ष 1986 में बीडीएल में नियुक्त होने से पूर्व ये मेसर्स हैदराबाद आल्विन लिमिटेड राज्य पीएसयू में कार्यरत रहे.      

 

श्री एन पी दिवाकर
निदेशक (तकनीकी)
(
दि. 01 सितंबर, 2018)

श्री एन पी दिवाकर
निदेशक (तकनीकी)

     

            निदेशक के रूप में अपनी इस नियुक्ति से पहले श्री दिवाकर ने बी डी एल भानूर इकाई के अधिशासी निदेशक के पद पर अपनी सेवाऍं दीं।

           श्री एन पी दिवाकर ने उस्माअनिया विश्वनविद्यालय, हैदराबाद से मेकानिकल इंजीनियरिंग की उपाधि प्राप्तव की। इन्हें पृथ्वीभ, आकाश और ए टी जी एम जैसे मिसाइल संबंधित विभिन्नह क्षेत्रों में लगभग 28 से भी अधिक वर्ष का गहन अनुभव प्राप्त् है।

श्री दिवाकर ने पृथ्वी् और आकाश मिसाइल प्रणालियों को साकार करने विकास की स्थि ति से उत्पाददन की स्थिवति तक लाकर इन्हें् साकार करने डी आर डी ओ के साथ भी काम किया। सेनाओं की आवश्यदकताओं की पूर्ति के लिए आकाश मिसाइल तथा कांकूर्स-एम मिसाइल की उत्पाादन श्रृंखलाओं व मानव-शक्ति योजना स्थामपित करने में श्री दिवाकर ने महत्व्पूर्ण भूमिका निभायी। भानूर इकाई में ‘अस्त्र मिसाइल’ के लिए उत्पातदन सुविधाओं की स्था्पना की जा रही है। इन्हों ने मार्च, 2017 के दौरान रक्षा मंत्रालय के साथ बातचीत की और कांकूर्स-एम मिसाइल के लिए कार्य-आदेश प्राप्त किये। बी डी एल आने से पूर्व श्री दिवाकर ने लगभग 6 वर्ष तक ओ एन जी सी में काम किया।      

स्वतंत्र निदेशक

श्रीमती सुष्मा विश्वनाथ दबक
(दि. 01 दिसंबर, 2015 से)

 

 

 

 श्रीमती सुष्‍मा विश्‍वनाथ दबक
   

         सुष्‍मा वी दबक 1981 में भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा में भर्ती हुईं. इन्होंने प्रधान महालेखाकार, हरयाणा, महालेखाकार, राजस्थान एवं महाराष्ट्र सहित कई पद संभाले. सुश्री दबक वर्ष 2013 में मुंबई में लेखापरीक्षा के महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुईं. आई ए एवं ए एस में भर्ती से पहले ये एल्फिंस्टन कॉलेज, मुंबई में अर्थाशास्‍त्र की प्राध्‍यापिका तथा राष्ट्रीय सार्वजनिक वित्त एवं नीति (एन आई पी एफ पी), नई दिल्ली में अर्थशास्त्री के पदों पर कार्यरत रहीं.   

शैक्षणिक योग्यताएँ : अर्थशास्‍त्र में एम ए, एल एल बी, मुंबई विश्वविद्यालय से वित्तीय प्रबंधन में डिप्लोमा. 

कार्यानुभव : अर्थशास्‍त्र में अध्यापन एवं अनुसंधान. सरकार के तीनों श्रेणी यथा केंद्र, राज्य एवं क्षेत्रीय तथा आर्थिक क्षेत्र से जुड़ी हुई सभी सरकारी कंपनियाँ, स्वायत्त एवं क्षेत्रीय निकाय जैसे विभिन्न प्रकार के सरकारी संगठनों में लेखापरीक्षा का अनुभव. 

न्यूक्लियार पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड में वित्तीय सलाहकार तथा महाराष्ट्र कृष्णा वैली डेवलपमेंट कार्पोरेशन में वित्तीय सदस्य के रूप में प्रतिनियुक्‍ति. विदेश स्थित भारतीय मिशन तथा यू एन एच सी आर की लेखापरीक्षा के लिए प्रतिनियुक्ति. 

सरकारी लेखा, सरकारी कंपनियों तथा बाहर से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के प्रमाणन का अनुभव.

देश-विदेश में कई प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं संगोष्ठियों के लिए नामित. 

 

श्री अजय पांडे 
(
दि. 01 दिसंबर 15 से) 

श्री अजय पांडे    

         प्रो. अजय पांडेय संप्रति भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद में वित्त एवं लेखा क्षेत्र में प्रोफेसर के पद पर हैं. इन्होंने रूर्के विश्वविद्यालय (आजकल आई आई टी रूर्के) से औद्योगिक इंजीनियर में स्नातक की उपाधि प्राप्त किया तथा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ई आई एल) तथा ऑयल अण्ड नेचुरल गैस कार्पोरेशन (ओ एन जी सी) में परियोजना योजना एवं अनुवीक्षण इंजीनियर के पद पर कार्य किया. तदुपरांत आई आई एम अहमदाबाद में अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाते हुए फेलो प्रोग्राम के तहत प्रवेश पाकर वित्त के क्षेत्र में फेलो डिग्री (पी एच डी के समकक्ष) प्राप्त की. प्रो. पाण्‍डेय डॉक्टरेट करने के बाद तथा आई आई एम अहमदाबाद में आने से पहले भारत की कई शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े रहे. इस बीच इन्होंने निजी क्षेत्र के संयुक्त परियोजना में वित्तीय क्षेत्र में कार्य किया. अनुसंधान प्रशिक्षण एवं अध्यापन संबंधी इनकी व्यावसायिक रुचि विशेष रूप से निगम वित्त तथा नैगमिक अभिशासन जोख़िम प्रबंधन परियोजना वित्त अस्थिरता एवं संपत्ति लागत गतिकी जैसे पूँजीगत बाजार में है. इन्हें विद्युत क्षेत्र के साथ-साथ परियोजना संरचना एवं जोख़िक नियतन सार्वजनिक खरीदी भूमि अधिग्रहण जैसे मामलों से संबंधित संरचना क्षेत्र में व्यावसायिक रुचि है. ये संरचना संबंधी मामलों में सरकारी नियामक एवं सार्वजनिक उपक्रमों के परामर्शदाता भी रहे हैं. ये आई आई एम अहमदाबाद में अध्यक्ष स्नातकोत्तर कार्यक्रम डीन (संकाय),डीन (कार्यक्रम) एवं प्रभारी निदेशक के पद पर रहते हुए शैक्षणिक प्रशासन के कार्य सँभाले.     

 

श्री अजय नाथ 
(
दि. 13 सितंबर 17 से) 

श्री अजय नाथ    

         श्री अजय नाथ ने सितंबर 2011 से सितंबर, 2015 तक मध्यंप्रदेश सरकार के वित्तप विभाग में पहले प्रधान सचिव और तदुपरांत अपर मुख्ये सचिव के रूप में लगातार अपनी सेवाऍं दीं।इससे पूर्व वर्ष 2004 से 2009 तक भारत सरकार के निगम मामले मंत्रालय में निरीक्षण एवं पंजीकरण महानिदेशक के रूप में और तदुपरांत, दिसंबर, 2006 से सितंबर, 2009 तक भारत सरकार के निगम मामले मंत्रालय के सीरियस फ्रॉड इन्वेसस्टिमगेशन कार्यालय मं् निदेशक के रूप में अपनी सेवाऍं दीं।

         वर्ष 1995 से 1998 तक एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank), मनीला, फिलिप्पा1इन्स9 में कार्यपालक निदेशक (भारत) के तकनीकी सहायक रहे। एशियायी विकास बैंक के निदेशक मंडल के विचार-विमर्श में भारतीय स्थारन में / (भारत की ओर से) योगदान दिया।जुलाई 1992 से जनवरी, 1995 तक वित्त मंत्रालय के वित्तो मामले विभाग में उप सचिव के रूप में कार्य करते हुए एशियायी विकास बैंक तथा विश्वत बैंक की गतिविधियों को सँभाले। सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम / भारत सरकार तथा मध्यत प्रदेश सरकार के अन्य निकायों में :एम पी को-ऑपरेटिव्से के मार्केटिंग फेडरेशन में प्रबंध निदेशक।

         सितंबर, 2009 से सितंबर, 2011 तक भारत टकसाल सेक्यू रिटि अण्डो प्रिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के मुख्यर सतर्कता अधिकारी रहे।   

 

के एस एस संपत 
(
दि. 13 सितंबर 17 से) 

के एस एस संपत    

         श्री के एस संपत कार्यरत चार्टर्ड अकाउण्टे ण्टे हैं जिन्हेंर नैगमिक अभिशासन विकास में विशेषज्ञता सहित आयकर, कारपोरेट कानून, बैंकिंग (ट्रेजरी, फारेक्सव, विदेशी बैंक के ड्यू डिलिगेन्सो सहित) तथा बीमा क्षेत्रों में 32 वर्ष का विस्तृरत व्या वसायिक अनुभव प्राप्तप है।

         भारतीय जीवनबीमा निगम, पंजाब नेशनल बैंक तथा हाल ही में नाबार्ड के अंतर्गत स्टैं डर्ड चार्टर्ड बैंक, डी सी सी बी तथा आर आर बी जैसे देश के कुछ विशिष्टा सार्वजनिक संस्थतओं के पर्यवेक्षण बोर्ड के सलाहकार सदस्यी के रूप में रहते हुए इन्हेंट बैंकिंग, बीमा तथा को-ऑपरेटिव सेक्टेर में बोर्ड-स्तार का अनुभव प्राप्त है।

         लेखापरीक्षा समिति, प्रबंधन समिति, आई टी समिति, जोख़िम प्रबंधन समिति तथा शेयर अंतरण समितियों में अध्युक्ष / सदस्यै के रूप में रहते हुए इन्हों ने नैगमिक अभिशासन के विकास पर ध्यािन केंद्रित किया।   

 

श्रीमती के लता नरसिंह मूर्ति 
(
दि. 13 सितंबर 17 से)  

श्रीमती के लता नरसिंह मूर्ति    

         श्रीमती के लता नरसिंह मूर्ति संप्रति मेलंगे प्राइम प्रापर्टीज़ और टॉय पटनम में प्रबंधन भागीदार हैं। इन्होंतने एम आई टी ग्लोरबल इंटरपेन्यूऔरशिप बूटकैंप पूर्ण कर मेसाश्यूयट्ज़ इंस्टी ट्यूट ऑफ टेक्नोैलॉजी से ‘न्यू वेंचर्स लीडरशिप’ प्रमाण-पत्र प्राप्तम किया है।

         तक्षशिला संस्थासन से लोक-नीति में स्नांतकोत्तवर उपाधि प्राप्तI श्रीमती लता नरसिंह मूर्ति ने भारतीय प्रबंधन संस्थासन, बेंगलूरु से इंडिया-वुमेन इन लीडरशिप (I-WIL) पूर्ण किया है।

         इन्हों ने वर्ष 2010 से 2015 तक वृहत् बेंगलूरु महानगरपालिका में कॉर्पोरेटर के रूप में अपनी सेवाऍं दीं। राजनीति के क्षेत्र में इनकी समर्पित सेवाओं के लिए इन्हेंल वर्ष 2014 में ‘बेूंगलूरु युवा पुरस्कादर’ से सम्मा नित किया गया है। श्रीमती लता नरसिंह मूर्ति यू एल तथा अशोका चेंज मेकर द्वारा आयोजित ‘सुरक्षित सड़क, सुरक्षित भारत अभियान’ की विजेता रहीं।   

स्थायी विशेष आमंत्रित

 

 

 

 परिचय शीघ्र ही प्रस्तुत किया जाएगा.