शांति का आधार अस्त्र-बल
     The Force Behind Peace

भारत डायनामिक्स लिमिटेड


                                   सीआईएन:L24292TG1970GOI001353
                                   भारत सरकार का उद्यम,रक्षा मंत्रालय,
                                   एक मिनिरत्न श्रेणी-1 कंपनी

 

निदेशकों का परिचय

 

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

कमोडोर सिद्धार्थ मिश्र (सेवा निवृत्त)   
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक 
(
दि. 01 मार्च, 2019 से)

 

 

 

 

कमोडोर सिद्धार्थ मिश्र (सेवा निवृत्त)   
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

             कमोडोर सिद्धार्थ मिश्र (सेवा निवृत्त) ने आज भारत सरकार, रक्षा मंत्रालयाधीन मिनीरत्न श्रेणी-1 वर्ग के सार्वजनिक उद्यम भारत डायनामिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इन्होने दिनांक 28 फरवरी, 2019 को श्री वी उदय भास्कर की सेवानिवृत्ति पर कार्यभार ग्रहण किया है।

             कमोडोर मिश्र वर्ष 1985 में भारतीय नौसेना की विद्युत शाखा में नियुक्त हुए थे। सितंबर 2016 में नौसेना से सेवा निवृत्त होने के बाद कमोडोर मिश्र ने अनुसूची “ए” के केंद्रीय सार्वजनिक उद्यम ई सी आई एल में सेवाएँ दीं। बीडीएल में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वे ई सी आई एल, हैदराबाद में महाप्रबंधक (रक्षा) रहे।

          कमोडोर मिश्र इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक, डिफेंस स्टडीज़ में एम एस सी और मास्टर ऑफ मैनेजमेंट साइंस की उपाधि प्राप्त हैं। वे प्रतिष्ठित नौसेना अकादमी और नेवल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, लोणावाला के पूर्व छात्र हैं।

            अपने 33 साल के प्रतिष्ठित करियर में कमोडोर मिश्र ने ई सी आई एल में चार प्रमुख समूहों के प्रधान के अलावा विभिन्न परिचालन और स्टॉफ की नियुक्ति की है। नौसेना मुख्यालय में इन्होने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को शामिल करने और नीति-निर्धारण करने में महत्वपूर्व भूमिका निभायी। साथ ही वे एयर क्राफ्ट कैरियर को भारतीय नौसेना की सेवाओं में शामिल करने नौसेना की कोर समिति में भी शामिल रहे।

           नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापट्टणम में अपने कार्यकाल के दौरान इन्होने मरम्मत कर दुरुस्त करने और जहाज और पनडुब्बियों के आधुनिकीकरण की योजना बनाकर इनका समन्वय कर इनके कार्यान्वयन की देखभाल की थी। उन्होने त्रुटि रहित संचालन / रखरखाव/ परिसंपत्ति प्रबंधन / अवसंरचना विकास और संसाधन नियोजन का नियंत्रण और प्रबंधन किया।

           ई सी आई एल के उच्च स्तरीय प्रबंधन के एक सदस्य के रूप में उन्होने रक्षा और अन्य क्षेत्रों में विभिन्न ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम चलाने के लिए उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान किया जिससे देश को बहुत लाभ हुआ है।  

सरकारी निदेशक 

अश्वनी कुमार महाजन  
अपर वित्तीय सलाहकार (ए के) एवं संयुक्त सचिव 
(
दि. 09 मार्च, 2016 से) 

अश्वनी कुमार महाजन  
अपर वित्तीय सलाहकार (ए के) एवं संयुक्त सचिव

             श्री अश्विनी कुमार महाजन 1988 बैच के आई आर एस अधिकारी हैं. इन्हें एम बी बी एस, एल एल बी, एल एल एम (अंतर्राष्;ट्रीय कराधान) उपाधि भी हैं. वर्ष 2008 से श्री अश्विनी कुमार महाजन आयकर विभाग के आयुक्त रहे. दि. 08 जनवरी, 2016 से ये रक्षा मंत्रालय (वित्त) में अपर वित्त सलाहकार एवं संयुक्त सचिव के रूप में नियुक्त किये गये. श्री अश्विनी कुमार महाजन दि. 09 मार्च, 2016 से बी डी एल के निदेशक मंडल में सरकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किये गये.     

 

 

श्री एम एस आर प्रसाद

एम एस आर प्रसाद
डी एस एवं डी जी (एम एस एस / डी आर डी ओ)
(दि. 31 दिसंबर, 2018 से)

एम एस आर प्रसाद
डी एस एवं डी जी (एम एस एस / डी आर डी ओ)

               दिनांक 28 सितंबर, 2018 को श्री एम एस आर प्रसाद, प्रतिष्टित वैज्ञानिक को महानिदेशक (मिसाइल एवं स्टैटजिक सिस्टम्स) के रूप में नियुक्त किया गया। 

             इनका जन्म 1961 में हुआ। उन्होने 1984 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बी-टेक डिग्री और आई आई टी मुम्बईसे एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में एम-टेक उपाधि प्राप्त की है।

             पिछले तीस वर्षों में श्री एम एस आर प्रसाद ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के रक्षा कार्यक्रमों के लिए मिसाइल टेक्नोलॉजी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विभिन्न मिसाइल परियोजनाओं के लिए एअरोस्पेस स्ट्रक्चरल डिजाइन, विश्लेषण और संरचनात्मक गतिशीलता अध्ययन के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है। पनडुब्बी लॉचंड मिसाइल प्रोग्राम के वरिष्ठ डिजाइनरों में से एक होने के नाते उन्होने डिजाइन की कई नवोन्मेषी अवधारणाएँ प्रदान की। उन्होने देश की पहली पनडुब्बी लॉचड बैलस्टिक मिसाइल B05 के डिजाइन, विकास और उत्पादन में सफलतापूर्वक योगदान दिया।

             वे रक्षा कार्यक्रमों के लिए अत्यधिक विश्वसनीय वांतरिक्ष यंत्र रचना के विकास के लिए भी उत्तरदायी है। इन सभी गतिविधियों के आधार पर श्री एम एस आर प्रसाद मिसाइल कॉम्प्लेक्स में उप परियोजना निदेशक BO5, परियोजना निदेशक K4, एड्वांसड नॉवल सिस्टम प्रोग्रम के कार्यक्रम निदेशक, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीएल) के निदेशक के रूप में आगे बढ़ते हुए वे वर्तमान में महानिदेशक (मिसाइल तथा स्ट्रैटजिक सिस्टम) के रूप में पदभार संभालते हुए हैं।

             उनके सराहनीय और अभिनव योगदान के लिए डी आर डी ओ की ओर से प्रदत्त विभिन्न पुरस्कार एवं सम्मान उनके कार्यों को मान्यता प्रदान करते हैं। इन्हें वर्ष 2003 के लिए लेबोरेटरी साइनटिस्ट ऑफ दि इयर अवार्ड, उनके कार्यों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन उत्कृष्ट कार्य-निष्पादन टीम अवार्ड-2007, वर्ष-2011 में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन का साइनटिस्ट ऑफ दि इयर अवार्ड और स्टैटजिक मिसाइल प्रोग्रम-2014 में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन का उत्तम नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी विकास पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

 

 

पूर्णकालिक निदेशक 

एस पिरमनायगम
निदेशक (वित)
(
दि. 01 जनवरी 15 से)

एस पिरमनायगम
निदेशक (वित)

     

             श्री एस पिरमनायगम विज्ञान में स्‍नातक एवं भारत के सनती लेखाकार संस्‍थान के सहायक सदस्‍य हैं. बी डी एल में निदेशक (वित्‍त) का पदभार सँभालने से पूर्व इन्‍होंने बी ई एम एल के रेल और मेट्रो के संव्‍यवहसार के वित्‍तीय कार्यों के महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत थे. नैवेली लिगमेंट कारपोरेशन लिमिटेड से काम करने के बाद सन् 1996 से 2007 के दौरान इन्‍होंने मध्‍यस्‍थ प्रबंधन कैडर में अपनी सेवाऍं दीं. लेखापरीक्षा, लेखा, वित्‍त, और कराधान के क्षेत्र में इनका विस्‍तृत अनुभव है. श्री पिरमनायगम ने दि. 01 जनवरी, 2015 से भारत डायनामिक्‍स लिमिटेड के निदेशक (वित्‍त) का कार्य-भार ग्रहण किया     

 

पी राधाकृष्ण
निदेशक (उत्पादन)
(
दि. 01 जून 19 से)

पी राधाकृष्ण
निदेशक (उत्पादन)

     श्री पी राधाकृष्ण ने आज भारत सरकार, रक्षामंत्रालय अधीन सार्वजनिक उद्यम भारत डायनामिक्स लिमिटेडके निदेशक (उत्पादन) के रूप में कार्य-भार ग्रहण किया।
इस पद पर कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व श्री पी राधाकृष्ण ने बीडीएल की भानूर इकाई में महाप्रबंधक के रूप में सेवाएँ दी। यहाँ उन्होंने निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के उद्देश्य से सुरक्षित प्रचालन सुनिश्चित करने कॉकूर्स, कॉकूर्स-एम और इनवार टैंकरोधी संचलित प्रक्षेपास्त्र लॉचर्स अण्ड राइफल्स के लिए उत्पादन श्रृंखलासंस्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन्होंने जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय हैदराबाद से Industrial Engineeringand Management में एम-टेक.नागार्जुना विश्वविद्यालय आंध्रप्रदेश से बी-टेक Mechanical Engineering उपाधि प्राप्त की है। श्री राधाकृष्ण ने मिसाइल उत्पादन के विभिन्न क्षेत्रों में 32 वर्ष का समृद्ध अनुभव प्राप्त किया है। इनमें घटक उत्पादन मिसाइल एकीकरण तथा परीक्षण परियोजना योजना गुणता नियंत्रण एवं मिसाइल प्रणालियों का देशीकरणभी शामिल है।
इन्होंने मल्टी वेंडर बेस तथा आयात प्रतिस्थापन विकास द्वारा टैंकरोधी संचलित प्रक्षेपास्त्र में प्रभावी आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन की संस्थापना की है।
उन्होंने उत्पादकता में वृद्धि लाने के लिए उत्कृष्ट विनिर्माण सुविधाओं के आधुनिकीकरण और संस्थापन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इन्होंने बीडीएल भानूर इकाई में आई एस ओ 9001:2008 गुणता प्रबंधन प्रणाली तैयार कर इसे लागू करने में सक्रिय भागीदारी दर्ज की जो आज वांतरिक्ष मानक के नामसे परिचालन में है।
इन्हें भारतीय नौसेना के लिए मॉड्यूलर कॉम्बैट सिस्टम की खरीद के संबंध में और ड्राफ्ट देशीकरण नीति के लिए दीर्घकालिक आदेश तैयार करनेरक्षा मंत्रालय द्वारा तकनीकी ओवरसाइटसमिति के सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
  

 

एन पी दिवाकर
निदेशक (तकनीकी)
(
दि. 01 सितंबर, 2018)

एन पी दिवाकर
निदेशक (तकनीकी)

     

            निदेशक के रूप में अपनी इस नियुक्ति से पहले श्री दिवाकर ने बी डी एल भानूर इकाई के अधिशासी निदेशक के पद पर अपनी सेवाऍं दीं।

           श्री एन पी दिवाकर ने उस्माअनिया विश्वनविद्यालय, हैदराबाद से मेकानिकल इंजीनियरिंग की उपाधि प्राप्तव की। इन्हें पृथ्वीभ, आकाश और ए टी जी एम जैसे मिसाइल संबंधित विभिन्नह क्षेत्रों में लगभग 28 से भी अधिक वर्ष का गहन अनुभव प्राप्त् है।

श्री दिवाकर ने पृथ्वी् और आकाश मिसाइल प्रणालियों को साकार करने विकास की स्थि ति से उत्पाददन की स्थिवति तक लाकर इन्हें् साकार करने डी आर डी ओ के साथ भी काम किया। सेनाओं की आवश्यदकताओं की पूर्ति के लिए आकाश मिसाइल तथा कांकूर्स-एम मिसाइल की उत्पाादन श्रृंखलाओं व मानव-शक्ति योजना स्थामपित करने में श्री दिवाकर ने महत्व्पूर्ण भूमिका निभायी। भानूर इकाई में ‘अस्त्र मिसाइल’ के लिए उत्पातदन सुविधाओं की स्था्पना की जा रही है। इन्हों ने मार्च, 2017 के दौरान रक्षा मंत्रालय के साथ बातचीत की और कांकूर्स-एम मिसाइल के लिए कार्य-आदेश प्राप्त किये। बी डी एल आने से पूर्व श्री दिवाकर ने लगभग 6 वर्ष तक ओ एन जी सी में काम किया।      

स्वतंत्र निदेशक

सुष्मा विश्वनाथ दबक
(दि. 01 दिसंबर, 2015 से)

 

 

 

 सुष्‍मा विश्‍वनाथ दबक
   

         सुष्‍मा वी दबक 1981 में भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा में भर्ती हुईं. इन्होंने प्रधान महालेखाकार, हरयाणा, महालेखाकार, राजस्थान एवं महाराष्ट्र सहित कई पद संभाले. सुश्री दबक वर्ष 2013 में मुंबई में लेखापरीक्षा के महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुईं. आई ए एवं ए एस में भर्ती से पहले ये एल्फिंस्टन कॉलेज, मुंबई में अर्थाशास्‍त्र की प्राध्‍यापिका तथा राष्ट्रीय सार्वजनिक वित्त एवं नीति (एन आई पी एफ पी), नई दिल्ली में अर्थशास्त्री के पदों पर कार्यरत रहीं.   

शैक्षणिक योग्यताएँ : अर्थशास्‍त्र में एम ए, एल एल बी, मुंबई विश्वविद्यालय से वित्तीय प्रबंधन में डिप्लोमा. 

कार्यानुभव : अर्थशास्‍त्र में अध्यापन एवं अनुसंधान. सरकार के तीनों श्रेणी यथा केंद्र, राज्य एवं क्षेत्रीय तथा आर्थिक क्षेत्र से जुड़ी हुई सभी सरकारी कंपनियाँ, स्वायत्त एवं क्षेत्रीय निकाय जैसे विभिन्न प्रकार के सरकारी संगठनों में लेखापरीक्षा का अनुभव. 

न्यूक्लियार पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड में वित्तीय सलाहकार तथा महाराष्ट्र कृष्णा वैली डेवलपमेंट कार्पोरेशन में वित्तीय सदस्य के रूप में प्रतिनियुक्‍ति. विदेश स्थित भारतीय मिशन तथा यू एन एच सी आर की लेखापरीक्षा के लिए प्रतिनियुक्ति. 

सरकारी लेखा, सरकारी कंपनियों तथा बाहर से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के प्रमाणन का अनुभव.

देश-विदेश में कई प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं संगोष्ठियों के लिए नामित. 

 

अजय पांडे 
(
दि. 01 दिसंबर 15 से) 

अजय पांडे    

         प्रो. अजय पांडेय संप्रति भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद में वित्त एवं लेखा क्षेत्र में प्रोफेसर के पद पर हैं. इन्होंने रूर्के विश्वविद्यालय (आजकल आई आई टी रूर्के) से औद्योगिक इंजीनियर में स्नातक की उपाधि प्राप्त किया तथा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ई आई एल) तथा ऑयल अण्ड नेचुरल गैस कार्पोरेशन (ओ एन जी सी) में परियोजना योजना एवं अनुवीक्षण इंजीनियर के पद पर कार्य किया. तदुपरांत आई आई एम अहमदाबाद में अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाते हुए फेलो प्रोग्राम के तहत प्रवेश पाकर वित्त के क्षेत्र में फेलो डिग्री (पी एच डी के समकक्ष) प्राप्त की. प्रो. पाण्‍डेय डॉक्टरेट करने के बाद तथा आई आई एम अहमदाबाद में आने से पहले भारत की कई शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े रहे. इस बीच इन्होंने निजी क्षेत्र के संयुक्त परियोजना में वित्तीय क्षेत्र में कार्य किया. अनुसंधान प्रशिक्षण एवं अध्यापन संबंधी इनकी व्यावसायिक रुचि विशेष रूप से निगम वित्त तथा नैगमिक अभिशासन जोख़िम प्रबंधन परियोजना वित्त अस्थिरता एवं संपत्ति लागत गतिकी जैसे पूँजीगत बाजार में है. इन्हें विद्युत क्षेत्र के साथ-साथ परियोजना संरचना एवं जोख़िक नियतन सार्वजनिक खरीदी भूमि अधिग्रहण जैसे मामलों से संबंधित संरचना क्षेत्र में व्यावसायिक रुचि है. ये संरचना संबंधी मामलों में सरकारी नियामक एवं सार्वजनिक उपक्रमों के परामर्शदाता भी रहे हैं. ये आई आई एम अहमदाबाद में अध्यक्ष स्नातकोत्तर कार्यक्रम डीन (संकाय),डीन (कार्यक्रम) एवं प्रभारी निदेशक के पद पर रहते हुए शैक्षणिक प्रशासन के कार्य सँभाले.     

 

अजय नाथ 
(
दि. 13 सितंबर 17 से) 

अजय नाथ    

         श्री अजय नाथ ने सितंबर 2011 से सितंबर, 2015 तक मध्यंप्रदेश सरकार के वित्तप विभाग में पहले प्रधान सचिव और तदुपरांत अपर मुख्ये सचिव के रूप में लगातार अपनी सेवाऍं दीं।इससे पूर्व वर्ष 2004 से 2009 तक भारत सरकार के निगम मामले मंत्रालय में निरीक्षण एवं पंजीकरण महानिदेशक के रूप में और तदुपरांत, दिसंबर, 2006 से सितंबर, 2009 तक भारत सरकार के निगम मामले मंत्रालय के सीरियस फ्रॉड इन्वेसस्टिमगेशन कार्यालय मं् निदेशक के रूप में अपनी सेवाऍं दीं।

         वर्ष 1995 से 1998 तक एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank), मनीला, फिलिप्पा1इन्स9 में कार्यपालक निदेशक (भारत) के तकनीकी सहायक रहे। एशियायी विकास बैंक के निदेशक मंडल के विचार-विमर्श में भारतीय स्थारन में / (भारत की ओर से) योगदान दिया।जुलाई 1992 से जनवरी, 1995 तक वित्त मंत्रालय के वित्तो मामले विभाग में उप सचिव के रूप में कार्य करते हुए एशियायी विकास बैंक तथा विश्वत बैंक की गतिविधियों को सँभाले। सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम / भारत सरकार तथा मध्यत प्रदेश सरकार के अन्य निकायों में :एम पी को-ऑपरेटिव्से के मार्केटिंग फेडरेशन में प्रबंध निदेशक।

         सितंबर, 2009 से सितंबर, 2011 तक भारत टकसाल सेक्यू रिटि अण्डो प्रिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के मुख्यर सतर्कता अधिकारी रहे।   

 

के एस एस संपत 
(
दि. 13 सितंबर 17 से) 

के एस एस संपत    

         श्री के एस संपत कार्यरत चार्टर्ड अकाउण्टे ण्टे हैं जिन्हेंर नैगमिक अभिशासन विकास में विशेषज्ञता सहित आयकर, कारपोरेट कानून, बैंकिंग (ट्रेजरी, फारेक्सव, विदेशी बैंक के ड्यू डिलिगेन्सो सहित) तथा बीमा क्षेत्रों में 32 वर्ष का विस्तृरत व्या वसायिक अनुभव प्राप्तप है।

         भारतीय जीवनबीमा निगम, पंजाब नेशनल बैंक तथा हाल ही में नाबार्ड के अंतर्गत स्टैं डर्ड चार्टर्ड बैंक, डी सी सी बी तथा आर आर बी जैसे देश के कुछ विशिष्टा सार्वजनिक संस्थतओं के पर्यवेक्षण बोर्ड के सलाहकार सदस्यी के रूप में रहते हुए इन्हेंट बैंकिंग, बीमा तथा को-ऑपरेटिव सेक्टेर में बोर्ड-स्तार का अनुभव प्राप्त है।

         लेखापरीक्षा समिति, प्रबंधन समिति, आई टी समिति, जोख़िम प्रबंधन समिति तथा शेयर अंतरण समितियों में अध्युक्ष / सदस्यै के रूप में रहते हुए इन्हों ने नैगमिक अभिशासन के विकास पर ध्यािन केंद्रित किया।   

 

के लता नरसिंह मूर्ति 
(
दि. 13 सितंबर 17 से)  

के लता नरसिंह मूर्ति    

         श्रीमती के लता नरसिंह मूर्ति संप्रति मेलंगे प्राइम प्रापर्टीज़ और टॉय पटनम में प्रबंधन भागीदार हैं। इन्होंतने एम आई टी ग्लोरबल इंटरपेन्यूऔरशिप बूटकैंप पूर्ण कर मेसाश्यूयट्ज़ इंस्टी ट्यूट ऑफ टेक्नोैलॉजी से ‘न्यू वेंचर्स लीडरशिप’ प्रमाण-पत्र प्राप्तम किया है।

         तक्षशिला संस्थासन से लोक-नीति में स्नांतकोत्तवर उपाधि प्राप्तI श्रीमती लता नरसिंह मूर्ति ने भारतीय प्रबंधन संस्थासन, बेंगलूरु से इंडिया-वुमेन इन लीडरशिप (I-WIL) पूर्ण किया है।

         इन्हों ने वर्ष 2010 से 2015 तक वृहत् बेंगलूरु महानगरपालिका में कॉर्पोरेटर के रूप में अपनी सेवाऍं दीं। राजनीति के क्षेत्र में इनकी समर्पित सेवाओं के लिए इन्हेंल वर्ष 2014 में ‘बेूंगलूरु युवा पुरस्कादर’ से सम्मा नित किया गया है। श्रीमती लता नरसिंह मूर्ति यू एल तथा अशोका चेंज मेकर द्वारा आयोजित ‘सुरक्षित सड़क, सुरक्षित भारत अभियान’ की विजेता रहीं।