शांति का आधार अस्त्र-बल
     The Force Behind Peace

Bharat Dynamics Limited


         CIN:L24292TG1970GOI001353
         A Govt of India Enterprise, Ministry of Defence,
         A Miniratna Category-1 Company

नैगमिक सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व एवं सातत्‍यता

बी डी एल वर्ष 2013-14 के दौरान सी एस आर एवं सातत्‍यता गतिविधियों पर रु. 298.83 लाख खर्च किये:

 1. स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र:

            ए) मोबाइल मेडि-केर इकाई : कंपनी ने वर्ष 2012-13, 2013-14 तथा 2014-15 के दौरान नलगोंडा जिले के नारायणपुरा मंडल के 16 गॉंवों के उम्रदराज लोगों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य संरक्षण तथा मुफ्त में दवाइयॉं उपलब्‍ध कराने हेल्‍पेज इंडिया के साथ अनुबंध ज्ञापन प्रलेख पर हस्‍ताक्षर किये हैं. साथ ही, वर्ष 2013-14 के दौरान इस परियोजना के लिए अनुमानत: 18 लाख रुपये की राशि आबंटित की गई. अनुबंध ज्ञापन प्रलेख के अनुसार हेल्‍पेज इंडिया के द्वारा लगभग 1600 हितार्थियों को स्‍वास्‍थ्‍य संरक्षण तथा दवाइयॉं दी जा रही हैं. 

            बी) कैटरेक्‍ट ऑपरेशन : कंपनी ने रु. 14.40 लाख से 1200 हितार्थियों को नेत्र संरक्षण के लिए हेल्‍पेज इंडिया के साथ अनुबंध ज्ञापन प्रलेख पर हस्‍ताक्षर किये. हेल्‍पेज इंडिया के सहयोग से नलगोंडा जिले के गरीबी रेखा से निचले परिवारों के नेत्र संरक्षण के लिए दि. 8 जनवरी, 2014 से नेत्र कैंप आरंभ किया गया. वर्ष 2013-14 के दौरान इस परियोजना के लिए रु. 32.40 लाख की राशि खर्च की गई. 

 

मोबाइल स्‍वास्‍थ्‍य इकाई

डॉ. एन के राजू, अधिशासी निदेशक (का. एवं प्रशा.) ने एक वरिष्ठ नागरिक की चिकित्सा के दौरान एम ए यू का शुभारंभ किया

 

एम एम यू स्टाफ द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम

2. मध्याह्न भोजन: 

            कंपनी ने वर्ष 2013-14 के दौरान मेसर्स अक्षयपात्र फाण्‍उडेशन (टीएपीएफ) के माध्‍यम से पटानचेरु मंल स्‍थित 63 सरकारी स्‍कूल के 8954 विद्यार्थियों को मध्‍याह्न भोजन की सुविधा उपलब्‍ध करायी. इस पर लगभग 72.27 लाख का खर्च आया. वर्ष 2012-13 के दौरान 2453 विद्यार्थियों को मध्‍याह्न भोजन की सुविधा उपलब्‍ध कराने तथा रसोई के उपकरणों पर रु. 28.14 खर्च किया गया.

 

बीडीएल द्वारा प्रायोजिय वितरण वाहन

मध्‍याह्न भोजन से पहले स्‍कूली छात्रों में अच्‍छी आदतें विकसित करना

  

 Sponsorship Of Kitchen Equipments From BDL

3. शुद्ध पेय जल:

 कंपनी ने मेसर्स नांदी फाउण्‍डेशन के माध्‍यम से नलगोंडा जिले के नारायणपुर, जनगॉंव तथा पीपलपहाड़ गॉंवों में शुद्ध पेय-जल के लिए रु. 64 लाख व्‍यय (वर्ष 2012-13 से 2014-15 तक तीन वर्ष के लिए अनुरक्षण सहित) से तीन संयंत्र स्‍थापित किये.                                                                                                                                   

 

नारायणपुर गॉंव में रिवर्स ऑस्‍मोसिस संयंत्र

ग्रामीण लोंगों को आर ओ संयंत्र से पानी वितरित करना

4 . स्‍वच्‍छता

            कंपनी ने वर्ष 2013-14, 2014-15 में हितार्थियों के लिए नलगोंडा जिले के नारायणपुर तथा चौटुप्‍पल मंडलों में प्रत्‍येक शौचालय के लिए 20,000 व्‍यय से 234 पर्याहितैषी शौचालयों का निर्माण किया.

      मानव मूत्र व अन्‍य व्‍यर्थों के सदुपयोग प्रबंधन के लिए पर्यावरण स्‍वच्‍छता एक अभिन्‍न हिस्‍सा है.

      इससे सतत कृषि का विकास होता है.

      इससे उपरितल व भूगर्भजल संसाधनों को हानि नहीं पहुँचती है.

      इससे मानव जीवन, विशेषकर जल के लिए आवश्‍यक इनपुट का संरक्षण व इनकी बचत होती है.

 

             इस नये प्रारूप में स्‍लैब स्‍तर से ऊपर मूत्र व अशुद्ध जल के लिए अलग पाइप लगाये जाते हैं

बदबू देनेवाले कंपोस्‍ट चैंबर लीकेज़ से बचने के लिए यह प्रारूप आसान है.

  

 पर्याहितैषी शौचालय, स्‍वच्‍छता के लिए वैकल्‍पिक टेकनोलॉजी है

 

 

स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुँचाए बिना स्‍वच्‍छता और कृषि के बीच अंतर को खत्‍म कर देना पर्यावरण स्‍वच्‍छता का मूलभूत नियम है.

5.         सड़क

बी डी एल ने नलगोंडा जिले के सुदूर पर्वतीय गॉंव राचाकांडा के इडोनाला तांडा में रु. 31.11 लाख के व्‍यय से 800 मीटर का सी सी सड़क डाला.

6.         योगदान

 

 

श्री वी उदय भास्‍कर, निदेशक (उत्‍पादन), बी डी एल ने उत्‍तराखंड के बाढ़ग्रस्‍त क्षेत्रों में राहत व पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए रु. 29 लाख का चेक प्रदान किया .

 

7. शिक्षा

कंपनी ने रु. 50,000/- मूल्‍य के 2000 स्‍लेट खरीद कर नलगोंडा जिले के साक्षरता केंद्रों में वितरण के लिए नलगोंडा के जिलाधीश को दिया.

 

 

8.  वर्ष 2013-14 के दौरान रु. 78 लाख के व्‍यय से सतत विकास कार्यक्रम संपन्‍न किये गये.:

     कंचनबाग कांप्‍लेक्‍स में वर्षा जल संचयन गर्तों का निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है. इन गर्तों की क्षमता 12 लाख लीटर है. इससे भूगर्भ जल स्‍तर में वृद्धि होने की संभावना है.. 

     ऊर्जा संरक्षण के लिए ऊर्जा लेखापरीक्षा की सभी सिफारिशों का अनुपालन किया गया.

     कंचनबाग इकाई, हैदराबाद में कार्बन फुटप्रिंट का निर्माण किया गया.

 

विशाखापट्टणम इकाई में सोलार आधारित एल ई डी स्‍ट्रीट लाइट लगाये गये.

 

कर्मचारियों में सी एस आर संबंधी जागरूकता लाने के लिए उठाये गये कदम

 1. कंपनी की सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों के बारे में कर्मचारियों में जागरूकता लाने के उद्देश्‍य से सभी आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इन विषयों पर एक घंटे का सत्र आयोजित किया जा रहा है. 1. ‘विश्‍व सी एस आर दिवस’ के अवसर पर कंचनबाग, हैदराबाद के प्रेक्षागृह में ‘सी एस आर एवं एस डी पर जागरूकता कार्यक्रम’ आयोजित किया गया. 3. सी एस आर समिति के सदस्‍य / सी एस आर गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे सदस्‍यों को सी एस आर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए प्रायोजित किया गया.

         वर्ष 2012-13, 2011-12, 2010-11, 2009-10 के दौरान परियोजनाओं पर खर्च की गई राशि के विवरण निम्‍नवत हैं :

Year Area Projects

अनुमोदन के आधार पर व्‍यय किया गया

(रुपये लाखों में)

2012-13

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पटानचेरु, मेदक जिला और नारायणपुर मंडल, नलगोंडा जिला.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

1.एन जी ओ - ‘एक्‍शन फॉर फुड प्रोडक्‍शन’ (ए एफ पी आर ओ) के सहयोग से नलगोंडा जिले के नारायणपुर मंडल में पर्याहितैषी टॉयलाट का निर्माण

 

2.स्‍वास्‍थ्‍य संरक्षण – एन जी ओ – हेल्‍पएज इंडिया के सहयोग से नलगोंडा जिले के नारायणपुर मंडल के उम्रदराज लोगों को मुफ्त में दवाइयों की आपूर्ति के लिए मोबाइल मेडिकेर यूनिट चलाया जा रहा है

 

3.मध्‍याह्न-भोजन (मेदक)

एन जी ओ - अक्षयपात्र फाण्‍उडेशन

 

4.पेय-जल (नलगोंडा), एन जी ओ – नांदी फाउण्‍डेशन

 

5.  बी डी एल ने नलगोंडा जिले के राचाकांडा गॉंव के इडोनाला तांडा में 800 मीटर का सी सी सड़क डाला

Nalgonda Dist. Executed by BDL

 

38.90

 

15.41

 

 

28.14

 

 

27.12

 

 

31.11

 

 

 

 2011-12 हैदराबाद तथा नलगोंडा जिले का नारायणपुर मंडल. 

 1.शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी गतिविधियॉं तथा विक्रेता विकास विषयों पर तीन व्‍यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये

2. टी आई एस एस द्वारा बेसलाइन सर्वेक्षण आयोजित किया गया.

                   15.07
 2010-11  मेदक जिले का पटानचेरु मंडल

 कंपनी द्वारा दो सी एस आर कार्यक्रम किये गये

1.ख्‍यातिप्राप्‍त एन जी ओ मेसर्स अक्षयपात्र फाउण्‍डेशन के माध्‍यम से विद्यार्थियों को मध्‍याह्न भोजन का प्रायोजन.

2. मेसर्स अक्षयपात्र फाउण्‍डेशन के लिए भोजन वितरण वाहन दिया गया..

                  14.90

2009-10महबूबनगर जिले का रेगडिमैलारम गॉंव.

कंपनी ने आंध्रप्रदेश के महबूबनगर जिले के रेगड़ीमैलारम गॉंव के केंद्रीय उच्‍रूच प्राथमिक स्‍कूल को अपना कर शिक्षा मानकों को बेहतर बनाने के उद्देश्‍य से स्‍कूल भवन की मरम्‍मत करवाई. साथ ही, लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाये. सभी क्‍लास रूम के लिए बेंच व डेस्‍क दिये. विद्यार्थियों को यूनिफार्म, किताबें तथा लेखन-सामग्री दी गई और मध्‍याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए स्‍टील प्‍लेट व गिलास उपलब्‍ध कराते हुए रसोई घर की मरम्‍मत भी करायी गयी.

इनके अतिरिक्‍त आंध्र प्रदेश के रंगारेड्डी जिले के वेल्‍दुर्ती गॉंव के प्राथमिक स्‍कूल के लिए बेंच देने तथा नोट बुक देने के साथ-साथ शौचालय तथा रसोई घर बनवाए..

13.13

 

सी एस आर तथा सतत् विकास पर दिशा-निर्देश जारी होने से पूर्व कंपनी की सामाजिक गतिविधियॉं

1.0   वर्ष 1999 से नैगमिक सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व के तहत सुदूरवर्ती तथा अविकासित गॉंवों में सेवा तथा विकास कार्यक्रमों के क्षेत्र में भागीदार है.

 2.0       कोमटिकुंटा तांडा: 

 2.1       यह मेदक जिले का अल्‍लादुर्ग मंडल का एक सुदूर गॉंव है जहॉं लंबाड़े जाति के लोग (एस टी) रहते हैं. कंपनी ने सरकारी योजना के अनुसार यहॉं 16 पक्‍के मकान बना कर दिये हैं. एक बोरवेल खुदवाकर पीने के पानी की सुविधा भी उपलब्‍ध करायी गयी है. यहॉं रहने वालों के स्‍वास्‍थ्‍यका ध्‍यान रखने की दृष्‍टि से जॉंच नियमित मुफ्त स्‍वास्‍थ्‍य कैंप भी आयोजित किये जाते हैं. कुछ विद्यार्थियों को छात्रावास में भर्ती कराने के साथ-साथ अन्‍य बच्‍चों को किताबें तथा अन्‍य अध्‍ययन सामग्री देकर प्राथमिक शिक्षा के लिए प्रोत्‍साहित किया जाता है. यहॉं स्‍कूल परिसर के लिए फेन्‍सिंग डलवाने के साथ-साथ पढ़ाने की सामग्री, दस बेंच तथा विद्यार्थियों के लिए खेल-कूद की सामग्री भी दी गई है. हाल ही में, कंपनी ने इस तांडे में एक बड़े स्‍वास्‍थ्‍य कैंप का आयोजन कर तांडा तथा आसपास के ग्रामीणों की स्‍वास्‍थ्‍य जॉंच करवाया. साथ ही, तांडावासियों को कंबल व तौलिये वितरित किये गये. कंपनी ने इस तांडे में विकास कार्यक्रमों परलगभग 5 लाख रुपये खर्च किये.

2.2       मुख्‍यमंत्री द्वारा प्रशंसा : दि. 09 अगस्‍त, 1999 के तेलुगु दैनिक समाचार-पत्र ‘आंध्र ज्‍योति’ के माध्‍यम से जानकारी प्राप्‍त कर आंध्र प्रदेश के तत्‍कालीन मुख्‍य मंत्री ने दि. 13 अगस्‍त, 1999 को इस तांडा में हमारी कंपनी द्वारा किये जा रहे सेवा कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए स्‍वयं एक प्रशंसा पत्र भेजा जिसमें हमारे उद्यम द्वारा उठाये जा रहे इन कदमों की प्रशंसा की गई.

3.0       अकनापल्‍ली गॉंव : 

3.1 यह रंगारेड्डी जिले के महेश्‍वरम मंडल का एक ऐसा गॉंव है जहॉं अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्‍य पिछड़े वर्ग के लोग बड़ी संख्‍या में रहते हैं. कंपनी ने पूरे गॉंव में पीने का साफ पानी उपलब्‍ध कराने के उद्देश्‍य से पाइप लाइन डालकर तथा स्‍टोरेज टैंक बनवाकर ‘जल प्रबंधन प्रणाली’ की व्‍यवस्‍था की है और सबमर्सिबल वाटरपंप बोरवेल लगवाया है. यहॉं के प्राथमिक स्‍कूल के लिए फर्नीचर तथा अध्‍यापन सामग्री भी दी गई है. कंपनी ने स्‍कूल विद्यार्थियों को तथा ऑंगनवाड़ी बच्‍चों के लिए पॉंच वर्ष तक नोटबुक तथा लेखन-सामग्री वितरित किये. बी डी एल ने विद्यार्थियों के लिए स्‍कूल यूनिफार्म भी दिये. कंपनी ने इस पर लगभग 3.5 लाख रुपये खर्च किये.

 4.0      भानूर गॉंव: 

 4.1      कंपनी की दूसरी इकाई इस गॉंव में स्‍थित है. कंपनी ने यहॉं के विद्यार्थियों की बेहतरी के लिए हाईस्‍कूल की मरम्‍मत के साथ-साथ प्राथमिक स्‍कूल भवन का निर्माण भी कराया है. स्‍कूल के लिए फर्नीचर तथा अध्‍यापन सामग्री दी गई. बी डी एल ने गॉंव में डांबर की सड़कें बनायीं तथा स्‍वच्‍छ पेय-जल भरने के लिए वाटर संप का निर्माण भी करवाया. कंपनी ने आज तक इस गॉंव के विकास-कार्यक्रमों के तहत रु. 12 लाख खर्च किये..

 5.0       रेगड़ीमैलारम तथा वेल्‍दुर्ती गॉंव:

 5.1      कंपनी ने आंध्रप्रदेश के महबूबनगर जिले के रेगड़ीमैलारम गॉंव के केंद्रीय उच्‍रूच प्राथमिक स्‍कूल को अपना कर शिक्षा मानकों को बेहतर बनाने के उद्देश्‍य से स्‍कूल भवन की मरम्‍मत करवाई. साथ ही, लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाये. सभी क्‍लास रूम के लिए बेंच व डेस्‍क दिये. विद्यार्थियों को यूनिफार्म, किताबें तथा लेखन-सामग्री दी गई और मध्‍याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए स्‍टील प्‍लेट व गिलास उपलब्‍ध कराते हुए रसोई घर की मरम्‍मत भी करायी गयी.

 5.2      इनके अतिरिक्‍त तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के वेल्‍दुर्ती गॉंव के प्राथमिक स्‍कूल के लिए बेंच देने तथा नोटबुक देने के साथ-साथ शौचालय तथा रसोई घर बनवाए

सी एस आर कार्यान्‍वयन की कार्य-रीति / कार्य-पद्धति:

 अधिशासी निदेशक (का. एवं प्रशा.) की अध्‍यक्षता में सी एस आर समिति सी एस आर एवं सतत विकास संबंधी परियोजनाओं / प्रस्‍तावों को पहचानकर उन्‍हें अनुमोदन के लिए निदेशक मंडल / बोर्ड स्‍तर की समिति को सिफारिश करती है. अनुमोदन के आधार पर कंपनी का सी एस आर विभाग, गैर-सरकारी संगठनों (एन जी ओ) के ज़रिए सी एस आर गतिविधियॉं संपन्‍न करता है.

नवोन्‍मेषी क्रियाकलाप (यदि हो तो)

(i)          नलगोंडा जिले के नारायणपुर तथा चौटुप्‍पल जैसे सुदूर पर्वतीय प्रांतों के वृद्धों के लिए दवाइयॉं आपूर्त करना.

(ii)      तीन मूलभूत नियम (i) लोगों को ज्‍यादा खर्च से उपचार करने के बजाय प्रदूषण को रोकना. (i) मानव-व्‍यर्थों का पुन:चक्रण (iii) मानव-व्‍यर्थों के पोषकों का खेतीबारी व बागवानी में प्रयोग - के आधार पर पर्याहितैषी शौचालयों का निर्माण किया गया. पर्याहितैषी शौचालयों में मात्र धोने के लिए पानी की आवश्‍यकता होती है न कि प्रवाहित करने की. अत: उपर्युक्‍त में से पानी की खिल्‍लत वाले प्रांतों में इस टेकनोलॉजी का उपयोग किया जाता है.

(iii)       उडीशा राज्‍य के बालासोर में डी आर डी ओ टेकनोलॉजी से डिजाइन कर विकसित पर्याहितैषी शौचालय के चार क्‍लस्‍टर के निर्माण के लिए मेसर्स एफ आई सी सी आई के साथ कंपनी ने अनुबंध ज्ञापन प्रलेख पर हस्‍ताक्षर किये. उच्‍च तुंगता व कम तापमान, चलायमान रेल कोच व बस प्रांतों में मानव-व्‍यर्थ के निपटान के लिए पर्याहितैषी शौचालयों की सिफारिश की जाती है. बायो-डाइजस्‍टर रासायनिक व्‍यर्थों को मीथेन व कार्बन-डायाक्‍साइड में रूपांतरित करता है.अशुद्ध जल से होने वाली बीमारियों के लिए कारक पेथोजीन को निष्‍क्रिय करने में यह प्रक्रिया काम करती है. इन बयो-शौचालयों से मानव व्‍यर्थों को 100 पर्याहितैषी पद्धति में निपटाया जा सकता है. 

कंपनी के मिशन के साथ जोड़ते हुए बी डी एल सी एस आर गतिविधियों के माध्‍यम से समाज के निचले वर्ग के लोगों के लिए संरचनात्‍मक ढांचा मुहैया कर उनका जीवन स्‍तर उठाने का उद्देश्‍य रखता है और गरीबी उन्‍मूलन व पर्यावरणीय संतुलन बनाये रखने में प्रयत्‍नशील एक विश्‍वसनीय पारदर्शी संगठन बनने का ध्‍येय रखता है.

सी एस आर एवं सतत विकास नीति

 1.1 परिचय :

 “नैगमिक सामाजिक दायित्‍व कंपनी के हितधारकों के हित का ध्‍यान रखते हुए किफायती, सामाजिक और पर्यावरणीय स्‍थायित्‍व बनाये रखते हुए की जाने वाली प्रतिबद्धता है. यह प्रतिबद्धता सांविधित आवश्‍यकताओं से आगे की प्रतिबद्धता है जिसका संबंध सतत विकास के साथ गहरा जुड़ा है. यह लोकहितकारी कार्यों से आगे बढ़ते हुए सामाजिक और व्‍यावसायिक उद्देश्‍यों को जोड़ने का कार्य करती है.

नैगमिक सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व से पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक न्‍याय के लिए लड़ाई संबंधी ट्रिपल लाइन से जुड़ा हुआ है. सी एस आर एवं सतत विकास की सफलता इसे कंपनी की मुख्‍य विकास नीति के रूप में अपनाने में निहित है.

Sustainable development refers to triple P, “People, Planet and Profit”. सतत विकास तीन ‘पी’ (पीपल, प्‍लानेट और प्राफिट) लाग, धरा और लाभ से संदर्भित है. सतत विकास का लक्ष्‍य सामाजिक व पर्यावरणीय अवधारणाओं का संरक्षण करते हुए वित्‍तीय स्‍थिति में विकास करना है जबकि नैगमिक सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व से तात्‍पर्य बच्‍चे, स्‍त्री व पर्यावरण संबंधी विषयों का ध्‍यान रखना.

तेजी से बदलते नैगमिक परिवेश को देखते हुए केंद्रीय सार्वजनिक उद्यमों द्वारा नैगमिक सामाजिक दायित्‍व सतत विकास के लिए एक नीतिगत अंग के रूप में अपनाये जाने की आवश्‍यकता है. नैगमिक सामाजिक दायित्‍व एक ऐसी संकल्‍पना है जिसके अंतर्गत संगठन जिम्‍मेदारी पूर्वक समाज के हित का काम करते हैं और जिससे इनकी इन गतिविधियोंका प्रभाव ग्राहक, कर्मचारी, शेयरधारक, समुदायों और अपने कार्य-क्षेत्र के पूरे माहोल पर पड़ता है.

 

1.2 सी एस आर एवं सतत विकास मिशन, उद्देश्‍य एवं निर्देशक सिद्धांत

1.2.1. सी एस आर एवं सतत विकास मिशन का कथन:

कंपनी के मिशन के साथ जोड़ते हुए बी डी एल सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों के माध्‍यम से – समाज के निचले वर्ग के लोगों के लिए संरचनात्‍मक ढॉंचा मुहैया कर उनका जीवन स्‍तर उठाने का उद्देश्‍य रखता है. गरीबी उन्‍मूलन में सहयोग देता है.

पर्यावरणीय संतुलन बनाये रखने में प्रयत्‍नशील एक विश्‍वसनीय पारदर्शी संगठन बनने का ध्‍येय रखता है.

1.2.2     बी डी एल सी एस आर नीति बनी है :

 

·     ग्रामीण जीवन साफ-सुथरा बनाने स्‍वच्‍छता और पर्यावरणीय बेहतरी पर ध्‍यान केंद्रित करने.

·     ग्रामीण युवाओं को स्‍वरोजगार हासिल करने शिक्षित व प्रेरित करने तथा जीविकोपार्जन करने व्‍यावसायिकता प्रदान करने.

·     निचले वर्ग के लोगों के लिए सरकार द्वारा चलायी जा रही सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय विकास में सहयोगी एवं भागीदार बनने.

·     ऊर्जा संबंधी जानकारी में पर्याहितैषी टेकनोलॉजी अपनाना

·     उत्‍कृष्‍ट टेकनोलॉजी के सहारे जल का पुन:चक्रण तथा इस जल का अपेय आवश्‍यकताओं के लिए प्रयोग.

·     भूगर्भ जल के स्‍तर में वृद्धि के लिए वर्षा जल संचयन गर्तों का निर्माण.

·     नवीकरण उफर्जा स्रोतों के उपयोग में नवोन्‍मेषी पद्धतियों का प्रयोग.

·     भू-ताप कम कर मृदा की गुणता में वृद्धि करने के लिए बी डी एल के परिसर में हरियाली बढ़ाना.

1.2.3 सी एस आर एवं सतत विकास नियम:

इस नियम के तहत सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भारत द्वारा सामना की जा रही चुनौतियों को पहचाना जाता है और सरकार की नीति व प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य-सूची तैयार की जाती है.

इस नियम के तहत ऊर्जा और संव्‍यवहार का मूल्‍य पहचाना जाता है और देश के सर्वांगीण, विशेषकर, समाज के शोषित, वंचित और दमित समुदाय के विकास में सहयोग देकर प्रोत्‍साहित किया जाता है.

यह नियम, विकास की इस कार्य-सूची के उत्‍तरोत्‍तर विकास के लिए संव्‍यवहार, सरकारी एजेंसियॉं तथा नागरिक समाज की सहभागिता की आवश्‍यकता पर बल देता है.

यह नियम स्‍पष्‍ट करता है कि संव्‍यवहार विकास, विशेष प्रगति और समांतर विकास तीनों एक दूसरे पर निर्भर हैं.

2.0 निधियॉं:-

बी डी एल अपने निदेशक मंडल के अनुमोदन से वर्ष के दौरान सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों / परियोजनाओं के लिए बजट आबंटन तैयार करता है. यह बजट आबंटन, कंपनी के लाभों पर निर्भर करता है. और विशेषकर, निम्‍नदर्शित अनुसार विगत वर्ष के कंपनी के कराधान बाद लाभ पर निर्धारित किया जाएगा:

विगत वर्ष में सी पी एस ई का कराधान बाद लाभ

सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों के लिए बजट आबंटन का रेंज 

((विगत वर्ष के कराधान के बाद लाभ के अनुसार %)

 (i) रु. 100 करोड़ से कम  3% - 5%
 (ii) रु. 100 से रु. 500 करोड़  2% - 3%
 (iii) रु. 500 करोड़ और उससे ऊपर  1% - 2%

बी डी एल, सी एस आर एवं सतत विकास कार्यक्रमों पर किये जाने वाले खर्च को बढ़ाएगा और बजट आबंटन के उन्‍नत स्‍लैब की ओर अग्रसर होगा.

प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष के लिए योजित सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों / परियोजनाओं के लिए आबंटित बजट उसी वर्ष में खर्च किया जाना होगा. यदि किसी कारणवश किसी वर्ष बी डी एल द्वारा सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों पर उस वर्ष के लिए आबंटित राशि खर्च नहीं किया जा सका हो, बी डी एल ऐसे खर्च नहीं कर पाने के कारणों की घोषणा करेगा. ऐसे खर्च न हो पायी राशि का अगले दो वित्‍तीय वर्ष में खर्च किये जाने के हरसंभव प्रयास किये जाऍंगे.

सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों के लिए उद्दिष्‍ट वार्षिक बजट का कम से कम 80 प्रतिशत, गतिविधियों को परियोजना पद्धति में कार्यान्‍वित करने के लिए खर्च किया जाएगा

सी एस आर एवं सतत विकास के वार्षिक बजट का 5 प्रतिशत आपातकाल अत्‍यावश्‍यकताओं के लिए उद्दिष्‍ट किया जाएगा जिसमें प्राकृतिक विपत्‍तियॉं / आपदाऍं और प्रधानमंत्री / मुख्‍यमंत्री राहत निधियॉं और / या राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शामिल होंगे.

सी एस आर एवं सतत विकास निधि का ब्रेक-अप:

                                                   

बेसलाइन 10%
प्रशिक्षण 5%
प्रभाव 10%
परियोजनाऍं 75% min

3. योजना

3.1 “महत्‍व वाले क्षेत्र एवं नीतिगत प्रयासों की पहचान”:

सी एस आर प्रयासों पर नियमित और प्रभावी रूप से ध्‍यान केंद्रित करने निम्‍न नौ बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है:

·     पर्यावरण सुरक्षा 

·     संरचनात्‍मक ढॉंचे का विकास

·     पेयजल / स्‍वच्‍छता

·     स्‍वास्‍थ्‍य संरक्षण / चिकित्‍सा सुविधा

·     सामुदायिक विकास

·     शिक्षा

·     कौशल विकास / सशक्‍तीकरण

·     आपदा प्रबंधन

·     कला, संस्‍कृति एवं खेल-कूद

·     व्‍यर्थ ऊर्जा प्रबंधन

·     ऊर्जा के नवीकरण स्रोतों का विकास

·     व्‍यर्थ सामग्री के पुन:प्रयोग एवं पुन:चक्रण परियोजना

·     वर्षा जल संचयन

·     भू-जल आपूर्ति का पुनर्भरण

·     रक्षण संरक्षण तथा पर्यावरण-प्रणाली का

·     प्रभावी ऊर्जा व नवीकरण ऊर्जा टेकनोलॉजी के माध्‍यम से कार्बन उत्‍सज्रन में कमी लाना.. 

             पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग देने के उद्देश्‍य से बी डी एल पर्यावरण से संबंधित 3 यू एन ग्‍लोबल कम्‍पैक्‍ट सिद्धांत का निम्‍नत: समर्थन करेगा :

 ·     पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति सावधानीपूर्वक तरीके का समर्थन;

·     पर्यावरणीय जिम्‍मेदारियों के प्रति अधिक सजग करने प्रचार के कार्य करना;

·     पर्यावरण हितैषी प्रौद्योगिकी के विकास और विसरण को बढ़ावा देना.

बी डी एल अपनी सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों को इस रूप में आगे बढ़ायेगा कि वह राष्‍ट्रीय योजना के लक्ष्‍य एवं उद्देश्‍य को प्राप्‍त करने में सहायक बने. साथ ही, स्‍थानीय संस्‍थानों / जन में मूल्‍य सह-सृजित कर लैंगिक संवेदनशीलता, कौशल-विकास, उद्यमता का विकास व रोजगार पैदा करना सुनिश्‍चित हो सके ताकि मिलेनियम डेवलेपमेंट गोल की भी पूर्ति हो सके. सतत विकास संबंधी गतिविधियॉं सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

4.0 कार्यान्‍वयन :

4.1 कार्यान्‍वयन के सामान्‍य दिशा-निर्देश :

सी एस आर एवं सतत विकास कार्यक्रम बी डी एल के विभिन्‍न केंद्रों द्वारा यथासंभव ‘महत्‍व वाले सूचीबद्ध क्षेत्रों’ में चलाया जाएगा

किसी कार्यक्रम की समय-सीमा / अवधि उसकी प्रकृति, उसके विस्‍तार और उससे होने वाले प्रभाव के आधार पर तय होगी.

राज्‍य सरकार, जिला प्रशासन, स्‍थानीय प्रशासन और केंद्रीय सरकार के विभाग व एजेंसियों, स्‍व-सहायता समूहों द्वारा चलाये जाने वाले कार्यक्रम के साथ बी डी एल के कार्यकलाप सहभागी / सहगामी बनाए जाऍंगे.

सी एस आर एवं सतत विकास के अंतर्गत पहचान की गई परियोजनाऍं विशेष एजेंसियों – औपचारिक या अनौपचारिक स्‍वतंत्र संगठन, पंचायत जैसे स्‍थानीय निकाय, संस्‍था / अकादमिक संस्‍थाऍं, न्‍यास, स्‍वयंसेवक ग्रुप, सरकारी / अर्धसरकारी / स्‍वायत्‍त संगठन, महिला मंडल, व्‍यावसायिक परामर्श संगठन जैसी स्‍वतंत्र संगठन द्वारा कार्यान्‍वित की जाऍंगी.

उत्‍तम उपयुक्‍तता की ज़रूरत के मुताबिक जब भी आवश्‍यक हो सी एस आर परियोजनाऍं पी पी पी मॉडेल को शामिल कर चलायी जा सकती हैं जिनमें पब्‍लिक-प्राइवेट सहभागिता तथा पब्‍लिक-पब्‍लिक पार्टनरशिप हो सकती है.

4.2 निगम स्‍तर पर तथा कार्य स्‍तर पर निम्‍न माध्‍यमों से की जाएगी :

a)      पेशेवर संगठन / एजेंसी द्वारा ज़रूरत की पहचान का अध्‍ययन.

b)      स्‍थानीय स्‍तर पर अंतर-कार्य दल द्वारा आंतरिक आवश्‍यकता मूल्‍यांकन

c)       जिला प्रशासन / स्‍थानीय सरकार इत्‍यादि से प्रस्‍ताव / अनुरोध की प्राप्‍ति.

d)      स्‍थानीय प्रतिनिधियों / नगरीय निकाय / नागरिक फोरम / ग्राम अधिकारियों के साथ चर्चा एवं अनुरोध

4.3 सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों का क्षेत्र:

बी डी एल की वर्तमान सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियॉं तेलंगाना.

4.4 परियोजना आधारित उपागम:

बी डी एल, दीर्घावधि सातत्‍यता के प्रति परियोजना आधारित जवाबदेही उपागम का अनुगमन करेगा जहॉं इसकी कार्य-योजना लघु-अवधि, मध्‍यमावधि और दीर्घावधि के रूप में किया जाएगा :

अल्‍पकालीन – एक वर्ष के भीतर

मध्‍यकालीन – 1 से 3 वर्ष

दीर्घकालीन – तीन वर्ष से अधिक

दीर्घकालीन कार्यक्रमों को पहचानते समय, निम्‍नलिखित बातों को पारिभाषित करने के लिए सभी संभाव्‍य प्रयास किये जाऍं :

कार्यक्रम के उद्देश्‍य

बेसलाइन सर्वे – इससे बहिर्गत होने वाले परिणाम ऑंकने का आधार मिलता है.

कार्यान्‍वयन प्रणाली – निर्धारित समय-योजना

दायित्‍व एवं प्राधिकार

अपेक्षित बड़े एवं उल्‍लेखनीय परिणाम

4.5 अनुमोदन के लिए शक्‍तियॉं

प्रत्‍येक केंद्र / निगम कार्यालय के लिए आवश्‍यक होगा कि उनके द्वारा पहचान किये गये सी एस आर कार्यक्रमों को प्रांतीय तथा निगम स्‍तर पर गठित सी एस आर समितियों की संस्‍तुतियों के साथ प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष के आरंभ में बोर्ड की सी एस आर उप समिति के सामने प्रस्‍तुत करें.

अत्‍यावश्‍यक परिस्‍थितियों में सी एस आर उप मिति द्वारा प्रदत्‍त शक्‍तियों का प्रयोग कर प्रस्‍तावों का अनुमोदन करने के लिए सी एम डी प्राधिकृत हैं.

सी एस आर एवं सतत विकास समिति (गठन एवं प्रकार्य)

·         सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों के अनुवीक्षण के लिए स्‍वतंत्र निदेशक की अध्‍यक्षता में एक बोर्ड स्‍तरीय समिति तथा महाप्रबंधक की अध्‍यक्षता में बोर्ड से निचले स्‍तर की समिति गठित की जाती है.

·         सी एस आर एवं सतत विकास समिति के सदस्‍य बहु प्रकार्यात्‍मक प्रतिनिधित्‍व गठित कर सकते हैं.

·         यह समिति कंपनी की ओर से सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों के कार्यान्‍वयन के लिए संभाव्‍य एन जी ओ तथा अन्‍य एजेंसियों की पहचान करेगी.

·         बेसलाइन सर्वे के उपरांत समिति प्राप्‍त सूचना के आधार पर सेवा कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाएगी.

·         समिति इस क्षेत्र से जुड़े निकाय (एन जी ओ) या अन्‍य एजेंसियों की मदद से वर्ष के लिए सी एस आर गतिविधियों की योजना बना सकती है.

·         कंपनी कार्यक्रम / परियोजनाओं के लिए आवश्‍यक बजट बनाएगी और प्रबंधन से अनुमोदन प्राप्‍त करेगी.

·         यह समिति सरकारी तथा अन्‍य एजेंसियों से संपर्क कर संबंधित एन जी ओ की सहायता से प्रस्‍तावित गतिविधियॉं कार्यान्‍वित करेगी.

·         समिति सी एस आर एवं सतत विकास कार्यक्रम, व्‍यय, खरीदी इत्‍यादि का बारीकी से दस्‍तावेजीकरण करेगी और यह सारी सूचना सार्वजनिक रखी जाएगी तथा इस सूचना को राष्‍ट्रीय सी एस आर हब के लिए उपलभ्‍य बनाएगी.

·         यह समिति कंपनी द्वारा अनुमोदित सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों / कार्यक्रमों के कार्यान्‍वयन की देखभाल व पर्यवेक्षण करेगी.

 4.6 कार्यान्‍वित करने वाले एजेंसी / भागीदार :

कंपनी सी एस आर एवं सतत विकास के उद्देश्‍य के अनुरूप कार्यान्‍वयन के लिए उचित कार्यक्रमों की पहचान करेगी जिससे इन कार्यों के हितधारकों को इच्‍छा लाभ मिल सके. ये कार्यक्रम निम्‍नलिखित माध्‍यम से संपन्‍न होंगे :

औपचारिक या अनौपचारिक समुदाय आधारित संगठन

पंचायत जैसे चयनित स्‍थानीय निकाय

स्‍वैच्‍छिक एजेंसियॉं (एन जी ओ)

संस्‍थान / अकादमिक संगठन

न्‍यास, मिशन

स्‍वयं सहायक ग्रुप

सरकारी, अर्द्धसरकारी तथा स्‍वायत्‍त संगठन

सार्वजनिक उपक्रम का स्‍थायी संघ (स्‍कोप)

महिला मंडल / समितियॉं

सिविल कार्य के लिए ठेका एजेंसियॉं

व्‍यावसायिक परामर्श संगठन

4.7 अनुवीक्षण तथा फीडबैक

अपनाये गये सी एस आर एवं सतत विकास कार्यक्रमों का प्रभावी कार्यान्‍वयन सुनिश्‍चित करने एक अनुवीक्षण पद्धति अपनायी जाएगी.

निगम कार्यालय का सी एस आर एवं सतत विकास विभाग विशेषकर नीतिगत तथा उच्‍च मूल्‍य वाले कार्यक्रमों पर स्‍वतंत्र व्‍यावसायिक तृतीय पार्टी / व्‍यावसायिक संस्‍थान द्वारा आवधिक ‘प्रभाव अध्‍ययन’ आयोजित कराएगा.

सी एस आर एवं सतत विकास नीति, वार्षिक सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियॉं, कार्यान्‍वयन भागीदार तथा व्‍यय का नियमित रूप से उचित दस्‍तावेजीकरण किया जाएगा और यह विवरण जनता के लिए उपलब्‍ध कराया जाएगा.

कंपनी की सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियॉं कंपनी के वार्षिक विवरण तथा कंपनी वेबसाइट में भी दर्शायी जाऍंगी.

5.0 सी एस आर एवं सतत विकास योजना:

        योजना  

           I.   बी डी एल, सी एस आर एवं सतत विकास गतिविधियों के लिए प्रतिबद्ध है और वित्‍तीय व भौतिक दृष्‍टियों से प्रत्‍येक वर्ष के आरंभ में योजना तैयार की जाएगी. बोर्ड स्‍तर की सी एस आर एवं सतत विकास समिति द्वारा योजना की सिफारिश की जाएगी और इसे निदेशक मंडल के अनुमोदन के लिए अनुबंध ज्ञापन प्रलेख में शामिल किया जाएगा. 

          II. दीर्घावधि योजनाओं को मध्‍यावधि और लघु अवधि योजनाओं में विभाजित कर वार्षिक लक्ष्‍य तय किये जाऍंगे. 

         III. कार्यान्‍वयन में कई वर्ष लगने वाली दीर्घावधि परियोजनाओं को वार्षिक लक्ष्‍यों में विभाजित किया जाएगा. 

         IV. बी डीएल, मिसाइल बनाने वाली कंपनी है जो हैदराबाद, तेलंगाना में स्‍थित है. निम्‍नलिखित गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी -

        a) समाज का विकास, विशेषकर, समाज के कमजोर वर्ग तथा देश के पिछड़े जिलों का विकास.

        b) पर्यावरण सातत्‍यता .

        पहली श्रेणी में : ये परियोजनाऍं, हाशिये पर स्‍थित तथा स्‍थानीय समुदायों के वंचित वर्ग तथा पिछड़े क्षेत्रों के हितार्थ उनके लिए रोजगार के अवसर तैयार कर आय के स्रोत तैयार कर उन्‍हें समाज की मुख्‍य धारा में शामिल करने के लिए क्षमता निर्माण, कौशल-विकास पर केंद्रित हैं.

          अधिकतर स्‍टेकधारकों के प्रभाव अनुसार हित के अपेक्षित स्‍तर के पूर्व मूल्‍यांकन के आधार पर सी एस आर एवं सतत विकास संबंधी कदम उठाने के लिए योजना आयोग द्वारा पहचानेगये पिछड़े जिलों को बी डी एल चयित करता है.       

        दूसरी श्रेणी में : बी डी एल पर्यावरण सातत्‍यता के लिए योजना बनाएगी और व्‍यर्थ जल या ऊर्जा प्रबंधन, नवीकरण जल-स्रोत का प्रसार, जैव-विविधता, व्‍यर्थ सामग्री में कमी और पुन:प्रयोग, वर्षा जल संचयन, भू-जल आपूर्ति का पुन:भरण और पर्यावरण-प्रणाली का पुन:स्‍थापन, ऊर्जाप्रभावी तथा नवीकरण ऊर्जा टेकनोलॉजीके सहारे कार्बन उत्‍सर्जन कम करना, आपूर्ति श्रृंखला हरितीकरण, उत्‍पादन तथा सेवाओं में नवोन्‍मेष जैसे पर्यावरण सातत्‍यता को प्रभावित करने वाली परियोजनाऍं तैयार की जाऍंगी.

         सी एस आर एवं सतत विकास के वार्षिक बजट के पूर्ण उपयोग के लिए बी डी एल अपनी निर्धारित परियोजनाओं के अतिरिक्‍त अन्‍य गतिविधियॉं भी संपन्‍न करेगा.

 कार्यान्‍वयन एवं अनुवीक्षण

   i.    कर्मचारियों में सी एस आर एवं सतत विकास संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए बी डी एल में एक आंतरिक मैकानिज़्म अपनाया जाएगा. इस संदर्भ में उठाये गये कदमों की चर्चा प्रबंधन बैठक/ सी ई ओ संप्रेषण या कर्मचारियों के समुदाय वाले किसी फोरम में की जाएगी.

    ii.    कर्मचारियों के लिए सी एस आर एवं सतत विकास कार्यक्रम आयोजित किये जाऍंगे. तत्‍संबंधी अधिकारी बाह्य / सी एस आर एवं सतत विकास प्रशिक्षण और / या अन्‍य उपक्रमों से चर्चाओं के लिए नामित किये जाऍंगे.

   iii.     कर्मचारियों के लिए सी एस आर एवं सतत विकास कार्यक्रम आयोजित किये जाऍंगे. तत्‍संबंधी अधिकारी बाह्य / सी एस आर एवं सतत विकास प्रशिक्षण और / या अन्‍य उपक्रमों से चर्चाओं के लिए नामित किये जाऍंगे.

   iv.    सी एस आर गतिविधियॉं उल्‍लेखनीय लक्ष्‍य सहित परियोजना के रूप में होंगी.

    v.    बी डी एल, बाहर के विशेष एजेंसियों द्वारा परियोजनाओं का कार्यान्‍वयन करेगा. आवश्‍यकतानुसार आंतरिक कार्मिक भी इसमें भाग लेंगे. इन विशेष एजेंसियों में विशेष दक्षता होनी चाहिए जिसका निर्धारण डीलिंग अधिकारियों द्वारा किया जाएगा.

   vi.    परियोजना के दौरान और परियोजना की समाप्‍ति पर इसका मूल्‍यांकन स्‍वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा.

  vii.    मूलभूत-सूचक, समयबद्धता, बजट तथा सटीकता के आधार पर अनुवीक्षण किया जाएगा. यह अनुवीक्षण आंतरिक अधिकारियों द्वारा किया जाएगा. जिस एजेंसी द्वारा परियोजना कार्य संपन्‍न किया जा रहा हो, उसी एजेंसी द्वारा अनुवीक्षण नहीं किया जा सकता है. बेसलाइन सवेक्षण / आवश्‍यकता मूल्‍यांकन करने वाली एजेंसियॉं भी यह अनुवीक्षण तथा मूल्‍यांकन कर सकती हैं.

viii.    इन सी एस आर गतिविधियों का कार्यान्‍वयन तथा अनुवीक्षण बोर्ड से निचले स्‍तर की समिति द्वारा किया जाता है और तदुपरांत, परियोजना की प्रगति संबंधी जानकारी स्‍वतंत्र निदेशक की अध्‍यक्षता में गठित बोर्ड स्‍तरीय समिति को दी जाएगी.

   ix.    बोर्ड से निचले स्‍त के एक अधिकारी, सी एस आर / सतत विकास गतिविधियों के लिए नोडल अधिकारी होंगे और अन्‍य सदस्‍य अधिकारी उसका सहयोग देंगे. नोडल अधिकारी, सी एस आर / सतत विकास संबंधी रिपोर्ट स्‍वतंत्र निदेशक की अध्‍यक्षता में गठित बोर्ड के समक्ष प्रस्‍तुत करेंगे. स्‍वतंत्र निदेशक प्रत्‍येक तिमाही में एक बार अपनी रिपोर्ट निदेशक मंडल के सामने प्रस्‍तुत करेंगे. इससे संगठन में सी एस आर एवं सतत विकास की टू टीयर व्‍यवस्‍था बनेगी.

रिपोर्टिंग एवं प्रकटीकरण.

1.    Reporting shall be done in following mode :

(a)  Internal – (i) Nodal officer CSR & SD to submit monthly report to the independent Director heading the Board-level committee.

                      (ii) Independent director to Board of Directors of the company once in three months.

 (b)  External-(i) One Para in annual report.

                     (ii) In company’s website.